ज्योतिष में उदय वह घटना है जब कोई ग्रह अपनी अस्त अवस्था से बाहर आता है। जल्दी ही मिथुन राशि में बुध का उदय होने जा रहा है, जिसका मतलब है कि बुध सूर्य से फिर दूर होने लगेगा और अपनी शक्तियों को पुनः प्राप्त करेगा। मिथुन बुध की स्वराशि है, जिससे बुध को
The 8th house is associated with hidden knowledge, secrets, and esoteric sciences, and signifies divine intervention in one’s life. Let's delve into the implications of Jupiter's placement in this significant house.
चैत्र नवरात्रा की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले, 8 अप्रैल को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। 54 साल बाद नवरात्रा से एक दिन पहले ऐसा ग्रहण होने का मौका बन रहा है।
केतु को ज्योतिष में मोक्ष, आध्यात्म और वैराग्य का कारक ग्रह माना जाता है। इसे मायावी और छाया ग्रह भी कहा जाता है क्योंकि यह प्रत्यक्ष रूप में दिखाई नहीं देता, लेकिन इसका प्रभाव गहरा और शक्तिशाली होता है।
15 जून को सूर्य अपने शत्रु शुक्र की वृषभ राशि से निकलकर अपने मित्र बुध की मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। मिथुन राशि में आते ही सूर्य की ताकत और भी बढ़ जाएगी। यह गोचर छह राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगा और उनके जीवन में खुशहाली और सफलता का संदेश लेकर आएगा।
ज्योतिष के अनुसार, 29 जून 2024 की रात 12:35 बजे शनिदेव वक्री हो जाएंगे, अर्थात उल्टी चाल चलने लगेंगे। यह अवधि 15 नवंबर 2024 तक चलेगी। इस 139 दिनों की अवधि में शनिदेव सिंह राशि वालों पर विशेष कृपा बरसाने वाले हैं।
देव गुरु बृहस्पति 13 जून से अपने मित्र चंद्रमा के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। यह गोचर 20 अगस्त तक चलेगा। जब भी बृहस्पति चंद्रमा के नक्षत्र में आते हैं, उनकी शक्ति बहुत बढ़ जाती है। रोहिणी नक्षत्र प्रेम, सौंदर्य, और रचनात्मकता से जुड़ा होता है।
राहु का गोचर शनि के नक्षत्र में होने जा रहा है, जिससे कुछ राशियों को इसका असर बहुत ज्यादा महसूस होगा। इसके माध्यम से राहु अपनी गतिविधियों में वृद्धि करेगा और इन राशियों के जीवन में उथल-पुथल और अनियमितता आ सकती है। इसके अलावा, धन हानि और सेहत पर बुरा
दीपावली पूजा का सही समय! जानिए शाम 5ः42 मिनट से रात 10ः34 मिनट तक कभी भी करने की सुझावित पूजा समयिका। इस आसान विधि के साथ अपनी पूजा को और भी सार्थक बनाएं।
इन बातों को जानेंगे तो गर्व से कह उठेंगे कि भारतीय संस्कृति क्यों है महान। इस आलेख में हम बताएंगे इसके रहस्य और महत्व।