भगवान गणेश को हिन्दू धर्म में प्रथम पूज्य माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति की पूजा-अर्चना से होती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
भारतीय ज्योतिष में रत्नों का विशेष महत्व है। हर रत्न की अपनी एक खास ऊर्जा होती है, जो व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव डाल सकती है। मोती, जिसे पर्ल भी कहा जाता है, एक ऐसा ही रत्न है जो चंद्रमा से संबंधित है और इसे धारण करने से व्यक्ति की किस्मत चमक सकती है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों का स्थिति और उनका उदय-अस्त मानव जीवन और पृथ्वी पर गहरा प्रभाव डालता है। आगामी 30 जून को धन के कारक शुक्र ग्रह मिथुन राशि में उदित होने जा रहे हैं। यह उदय तीन राशियों के जातकों के लिए विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध हो सकता
ज्योतिष और ग्रहों के अनुसार, व्यक्ति के जीवन पर उनके जन्मकुंडली में ग्रहों का विशेष प्रभाव होता है। इसमें शनि ग्रह का स्थान विशेष महत्वपूर्ण होता है। शनि को शांति, सजगता और धैर्य का प्रतीक माना जाता है, लेकिन कई बार उसकी गोडसे के कारण व्यक्ति को विभि
वैदिक ज्योतिष में शनि देव को न्याय प्रदाता और कर्मफल दाता माना गया है। आपको बता दें कि शनि देव 29 जून को अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में उलटी चाल चलने जा रहे हैं, जिससे 2025 तक इन राशियों की धन-दौलत में अपार बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही करियर और कारोबार
सूर्य पुत्र और कर्मफल दाता शनि महाराज 29 जून 2024 की रात 11 बजकर 40 मिनट पर कुंभ राशि में वक्री होने जा रहे हैं। हम सभी यह जानते हैं कि शनि ग्रह की चाल, दशा या स्थिति में होने वाला बदलाव संसार को प्रभावित करता है,
कुंडली के 8 वें भाव में गुरु ग्रह की उपस्थिति के परिणाम। बृहस्पति ज्ञान का कारक है और जब यह आठवें घर में होता है, तो यह गुप्त विद्याओं, अकाउंट साइंस, और ईश्वरीय मदद के संकेत देता है।
8वें भाव में गुरु ग्रह की उपस्थिति के परिणामों की। बृहस्पति ज्ञान का कारक है और जब यह आठवें घर में होता है, तो यह गुप्त विद्याओं, अकाउंट साइंस, और ईश्वरीय मदद के संकेत देता है।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर का विशेष महत्व होता है। बुध ग्रह का गोचर विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह वाणी, बुद्धि, व्यापार, संचार और तर्कशक्ति का कारक होता है। 29 जून 2024 को दोपहर 12 बजकर 13 मिनट पर बुध कर्क राशि में गोचर करेगा।
दीपक जलाना हमारी पूजा विधि का एक अहम हिस्सा है। भगवान के सामने दीपक जलाए बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। शास्त्रों में दीपक जलाने के फायदों को विस्तार से समझाया गया है।