2024 का पहला सूर्यग्रहण 8 अप्रैल 2024 को हुआ था। यह 57 सालों में पहली बार हुआ था जब भारत में पूर्ण सूर्यग्रहण देखा गया था। अब बात है साल के दूसरे सूर्यग्रहण की, जो वलयाकार होगा।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों का गोचर समय-समय पर शुभ और राजयोग का निर्माण करता है। इसका मानव जीवन और देश-दुनिया पर गहरा प्रभाव पड़ता है। मिथुन राशि में सूर्य, शुक्र, और बुध ग्रह का संचरण हो रहा है, जिससे राजयोग का निर्माण हो रहा है। इससे कुछ राशियो
देवताओं के गुरु बृहस्पति एक निश्चित अवधि के बाद राशि परिवर्तन करते हैं। गुरु को 12 राशियों के चक्र को पूरा करने में 12 साल का समय लगता है, जिससे हर राशि के जातकों के जीवन पर इसका प्रभाव लंबे समय तक रहता है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहु 8 जुलाई को उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहा है। यहां बताया गया है कि उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी शनि देव है और इसके देवता गुरु बृहस्पति हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दैत्यों के गुरु शुक्र को धन-ऐश्वर्य, आकर्षण, प्रेम आदि का कारक माना जाता है। वर्तमान में शुक्र बुध की राशि मिथुन में स्थित हैं और अब उन्होंने नक्षत्र परिवर्तन कर लिया है। 18 जून को सुबह 4 बजकर 51 मिनट पर शुक्र ने आर्द्रा नक
भगवान गणेश को हिन्दू धर्म में प्रथम पूज्य माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति की पूजा-अर्चना से होती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
भारतीय ज्योतिष में रत्नों का विशेष महत्व है। हर रत्न की अपनी एक खास ऊर्जा होती है, जो व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव डाल सकती है। मोती, जिसे पर्ल भी कहा जाता है, एक ऐसा ही रत्न है जो चंद्रमा से संबंधित है और इसे धारण करने से व्यक्ति की किस्मत चमक सकती है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों का स्थिति और उनका उदय-अस्त मानव जीवन और पृथ्वी पर गहरा प्रभाव डालता है। आगामी 30 जून को धन के कारक शुक्र ग्रह मिथुन राशि में उदित होने जा रहे हैं। यह उदय तीन राशियों के जातकों के लिए विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध हो सकता
ज्योतिष और ग्रहों के अनुसार, व्यक्ति के जीवन पर उनके जन्मकुंडली में ग्रहों का विशेष प्रभाव होता है। इसमें शनि ग्रह का स्थान विशेष महत्वपूर्ण होता है। शनि को शांति, सजगता और धैर्य का प्रतीक माना जाता है, लेकिन कई बार उसकी गोडसे के कारण व्यक्ति को विभि
वैदिक ज्योतिष में शनि देव को न्याय प्रदाता और कर्मफल दाता माना गया है। आपको बता दें कि शनि देव 29 जून को अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में उलटी चाल चलने जा रहे हैं, जिससे 2025 तक इन राशियों की धन-दौलत में अपार बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही करियर और कारोबार